Home
Sign In
Home

संतवाणी (भाग - १)

संतों के वचनों का अनूठा संगम व समसामयिक अर्थ

thumbnail

आचार्य प्रशांत की शिक्षाओं पर आधारित आसान वीडियो कोर्स

ap face

सहयोग राशि:

₹3000

₹5000

कोर्स को साझा करें

10+ घंटे के सत्र
पठन सामग्री
आजीवन वैधता
हिंदी
विशेष वीडियो सत्र
लाइव चैट सपोर्ट

परिचय

जब-जब समाज में धर्म के प्रति अनादर बड़ा है और आम-आदमी की चेतना को पाखंड ने घेरा है, तब-तब संतों ने अपने वचनों से हमारे मन को शीतलता प्रदान की है और सामाजिक चेतना को शुद्ध किया है।

इस श्रृंखला में आचार्य जी ने संत कबीरदास, तुलसीदास, पलटूदास, दादू दयाल, सहजोबाई, मलूकदास, दरियादास, रविदास आदि संतों की वाणी पर चर्चा की है। जानिए उनके वचनों की जीवन में सार्थकता को आचार्य प्रशांत के साथ इस आसान वीडियो कोर्स में।

लाभ

संरचना

आपकी आवाज़

ap

आचार्य प्रशांत एक लेखक, वेदांत मर्मज्ञ, एवं प्रशांतअद्वैत फाउंडेशन के संस्थापक हैं। बेलगाम उपभोगतावाद, बढ़ती व्यापारिकता और आध्यात्मिकता के निरन्तर पतन के बीच, आचार्य प्रशांत 10,000 से अधिक वीडिओज़ के ज़रिए एक नायाब आध्यात्मिक क्रांति कर रहे हैं।

आई.आई.टी. दिल्ली एवं आई.आई.एम अहमदाबाद के अलमनस आचार्य प्रशांत, एक पूर्व सिविल सेवा अधिकारी भी रह चुके हैं। अधिक जानें

सामान्य सवाल

यह कोर्स आचार्य प्रशांत के यूट्यूब वीडियो से कैसे अलग है?

क्या यह एक लाइव कोर्स है या इसमें पहले से रिकॉर्डेड वीडियो हैं?

इस कोर्स के लिए सहयोग राशि क्यों रखी गयी है? यह निःशुल्क क्यों नहीं है?

सहयोग राशि से अधिक दान देने से मुझे क्या लाभ होगा?

कोर्स की रजिस्ट्रेशन की प्रकिया के बाद मैं उसे कब तक देख सकता हूँ?

क्या कोर्स के वीडियो को बार-बार देखने की सुविधा उपलब्ध है?

लाइव-चैट में मैं किस प्रकार के प्रश्न पूछ सकता हूँ?

मुझे कोर्स से बहुत लाभ हुआ, अब मैं संस्था की कैसे सहायता कर सकता हूँ?