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10+ घंटे के सत्र
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सहयोग राशि:

₹1450

काम तो राम ही आएँगे!

राम को जानते भी हैं हम?

राम का नाम तो सभी लेते हैं, पर उन्हें जानते कितने हैं?

राम जो भगवान भी हैं, और इंसान भी। राम, जो ऊँचाइयों की प्रेरणा भी देते हैं, और राम, जो आज स्वयं कठघरे में खड़े हैं। ऐसे समय में श्री राम को सही और साफ़ जानने का महत्व और बढ़ जाता है।

समझिए श्री राम और उनके जीवन के मर्म को आचार्य प्रशांत के साथ - श्रीरामचरितमानस पर आधारित इस ऑनलाइन विडियो कोर्स में।


कोर्स से लाभ

  • श्री राम के जीवन से सीखने का अवसर।
  • आचार्य जी द्वारा श्रीरामचरितमानस की सरल व उपयोगी व्याख्या।
  • दैनिक जीवन से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता।
  • आत्मिक जिज्ञासाओं का समाधान।

कोर्स की संरचना

इस कोर्स के साथ आपको श्रीरामचरितमानस पर आधारित आचार्य जी के निम्न सत्र:

सत्र 1: 2 घंटे 2 मिनट

सत्र 2: 1 घंटा 41 मिनट

सत्र 3: 1 घंटा 52 मिनट

सत्र 4: 1 घंटा 40 मिनट

सत्र 5: 1 घंटा 42 मिनट

सत्र 6: 2 घंटे 2 मिनट

बोध-सामग्री: गोस्वामी तुलसीदास जी के प्रमुख दोहे व श्रीरामचरितमानस से कुछ अंश हिंदी अनुवादसहित उपलब्ध करवाये जायेंगे।


कोर्स की वैधता

  • अगले 3 माह तक।
  • वेबसाइट पर अपने निजी अकाउंट से कभी-भी सत्र देखें।
  • सत्रों का अनेकों बार श्रवण करने की सुविधा।

रजिस्टर करने हेतु

  • इस पेज पर दिए ‘रजिस्टर करें’ बटन पर क्लिक करें।
  • यदि आपने निजी अकाउंट स्थापित नहीं किया है तो उसकी प्रक्रिया पूरी करें।
  • अकाउंट स्थापित होने के उपरांत अनुदान की प्रक्रिया पूरी करें।
  • ऊपर दिए गये तीन रेखाओं के चित्र वाले बटन पर क्लिक कर 'My Enrolled Courses' पर जायें।
  • अपने ऑनलाइन कोर्स का लाभ लें :)

ग्रंथ परिचय

  • श्रीरामचरितमानस की रचना का आरम्भ गोस्वामी तुलसीदास (1511 - 1623) ने अयोध्या में 1574 ईस्वी को रामनवमी के दिन किया था।
  • कहा जाता है कि श्रीरामचरितमानस को लिखने में गोस्वामी तुलसीदास जी को २ वर्ष ७ माह २६ दिन का समय लगा था।
  • इस महाकाव्य की भाषा अवधी है। इसमें कुल 10,902 श्लोक हैं।
  • श्रीरामचरितमानस को तुलसीदास ने सात काण्डों में विभक्त किया है। इन सात काण्डों के नाम हैं:

बालकाण्ड - अयोध्या नगरी में राजा दशरथ और श्री राम का जन्म।

अयोध्याकाण्ड - श्री राम का विवाह और वनवास की और प्रस्थान।

अरण्यकाण्ड - माता सीता का हरण व श्री राम द्वारा उनकी खोज का आरंभ।

किष्किन्धाकाण्ड - श्री राम की हनुमान जी से भेंट।

सुन्दरकाण्ड - हनुमान जी का लंका की ओर प्रस्थान।

लंकाकाण्ड/युद्धकाण्ड- रामसेतु निर्माण, रावण वध और अयोध्या की और प्रस्थान।

उत्तरकाण्ड - राम-कथा का उपसंहार, श्री राम का राज्याभिषेक।


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